Sunday, May 15, 2011

भाग्य वृद्धि पूजन से

हमें नित्य ही पूजा  पूर्ण  श्रधा और विश्वास से करना चाहिए , चाहे वो पूजा २ लम्हों   में हो जाए या
 २ घंटे में ,
एकाग्र मन से ही पूजा की जाए ,
 यही आवश्यक है,
 पूजा जितनी जागरूकता 
,तत्परता 
,एकाग्र मन से की जाएगी उतनी ही सार्थक होगी,
पूजा करते समय आसन, माला ,  दिशा ज्ञान  होना अति  आवश्यक   है




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